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अप्रैल, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

**बऩद पेसाव खुल जाय**

1. अजवायन: ठंडी प्रकृति वाले रोगी को आधा चम्मच पिसी हुई अजवायन को शहद के साथ और गर्म प्रकृति वाले को आधा चम्मच पिसी हुई अजवायन सिरके के साथ देने से बंद पेशाब आने लग जाता है। 2. राई: 1-1 ग्राम राई और कलमीशोरा को पीसकर इसमें 2 ग्राम खांड को मिलाकर हर 2-2 घंटे के बाद 2-2 ग्राम की मात्रा में पीने से बंद पेशाब खुल जाता है। 3. पीपल: 5-5 ग्राम पीपल, कालीमिर्च, छोटी इलायची और सेंधानमक को पीसकर और छानकर इसमे से आधा चम्मच चूर्ण को शहद में मिलाकर रोगी को देने से पेशाब बंद होने का रोग दूर हो जाता है। 4. एरंड: 1 छोटा चम्मच एरंड का तेल बच्चे को पिलाने से बच्चे का बंद पेशाब खुल जाता है। 5. सज्जीखार: 4 ग्राम सज्जीखार को पीसकर छाछ में मिलाकर पीने से बंद पेशाब खुल जाता है। 6. शोराकलमी: 2-2 ग्राम शोराकलमी, जवाखार, रेवन्दचीनी और सौंफ को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में 8 ग्राम खांड को मिलाकर आधे गिलास पानी के साथ लेने से पेशाब बंद होने के रोग मे लाभ होता है। 7. गोपी चन्दन: गोपी चन्दन को पीसकर नाभि पर लेप करने से पेशाब बंद होने का रोग दूर हो जाता है। 8. कपूर: लिंग के छेद के अन्दर थोड़ा सा ...

**पूरी नींद है जरूरी**

पर्याप्त आराम करें।  खूबसूरत व स्वस्थ बनने के लिए अपने जीवन में पर्याप्त नींद लें और पानी पिएं। ये दो महत्वपूर्ण चीजें आपकी त्वचा को चमकदार रंगत प्रदान करेंगी क्योंकि ये डीटोक्सीफाई करती हैं और आंखों को लाल होने व सूजने से बचाती हैं।  रेशमी तकिए का उपयोग करें रेशमी तकिए का उपयोग करने से बालों की उपत्वचा और तकिए के कवर के बीच होने वाले घर्षण को रोका जा सकता है जो बाद में आपके बालों को कमज़ोर ओर घुंघराला बना सकता है।****

**what happend after eating**

खाना खाने के बाद पेट मे खाना पचेगा या खाना सड़ेगा ये जानना बहुत जरुरी है ... हमने रोटी खाई,हमने दाल खाई,हमने सब्जी खाई, हमने दही खाया लस्सी पी , दूध,दही छाझ लस्सी फल आदि|, ये सब कुछ भोजन के रूप मे हमने ग्रहण किया ये सब कुछ हमको उर्जा देता है और पेट उस उर्जा को आगे ट्रांसफर करता है | पेट मे एक छोटा सा स्थान होता है जिसको हम हिंदी मे कहते है "अमाशय" उसी स्थान का संस्कृत नाम है "जठर"| उसी स्थान को अंग्रेजी मे कहते है " epigastrium "| ये एक थेली की तरह होता है और यह जठर हमारे शरीर मे सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी मे आता है। ये बहुत छोटा सा स्थान हैं इसमें अधिक से अधिक 350GMS खाना आ सकता है | हम कुछ भी खाते सब ये अमाशय मे आ जाता है| आमाशय मे अग्नि प्रदीप्त होती है उसी को कहते हे"जठराग्न"। |ये जठराग्नि है वो अमाशय मे प्रदीप्त होने वाली आग है । ऐसे ही पेट मे होता है जेसे ही आपने खाना खाया की जठराग्नि प्रदीप्त हो गयी | यह ऑटोमेटिक है,जेसे ही अपने रोटी का पहला टुकड़ा मुँह मे डाला की इधर जठराग्नि प्रदीप्त हो गई| ...

**त्‍वचा के लिए नुकसानदेह हो सकता है नहाने वाला साबुन**

बचपन से ही हम साबुन का प्रयोग करते आ रहे हैं, जिस साबुन से हम नहाते हैं उससे चेहरा भी धोते हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं शरीर से दुर्गंध और कीटाणुओं का खात्‍मा करने वाला यह साबुत त्‍वचा के लिए कितना नुकसानदेह होता है। नहाने के साबुन के नुकसान त्वचा यदि सुंदर और कोमल हो तो लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर ही लेती है। लेकिन इसे कोमल बनाए रखने के लिये इसके खास देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे में बचपन से ही हमारा जुड़ाव बाथरूम से होता ही है और नियमित साबुन से नहाने की सलाह भी दी जाती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं साबुन त्‍वचा के लिये ठीक नहीं होता। यह शरीर से दुर्गंध तो शायद मिटा देता है लेकिन इससे कई त्वचा संबंधी समस्‍याएं पैदा हो सकती हैं। चलिये जानें नहाने के साबुन को ना कहने की क्या वजहें हैं एंटी बैक्टीरियल साबुन पर रोक अमेरिका एंटी बैक्टीरियल साबुन पर जल्द रोक लगाने के विषय पर विचाराधीन है। हाल में आई रिपोर्ट्स में पाया गया है कि इन साबुनों में ऐसे रसायन हैं जो हार्मोन में बदलाव करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। एफडीए के अनुसार इस प्रकार के साबुनों में आमतौर पर ट्रिकलोसन और ट...

**खान-पान का विशेष ध्यान रखें**

प्रोटीनयुक्त आहार लें स्वस्थ और चमकदार रंगत के लिए अपने आहार में काफी मात्रा में पतला मांस, अंडे, दालें और पनीर सम्मिलित करें। इनमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। ये प्रोटीनयुक्त भोजन सामग्री हड्डियां और दांतों को स्वस्थ बनाने में भी सहायक होती हैं। खट्टे फल कोलेजन का निर्माण करते हैं जो त्वचा की कोशिकाओं को पकड़ कर रखता है। कोलेजन को त्वचा में बाहर से नहीं जोड़ा जा सकता, यही कारण है कि फल तथा फलों का रस हमारे दैनिक आहार का एक भाग होना चाहिए