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जून, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

**जानिये ‪‎दही‬ के घरेलु ‪‎उपयोग**

1. दही को जल्दी और अच्छी जमाने के लिए रात को जमाते वक्त दूध में हरी मिर्च का डंठल तोड़ कर डाल दे !दही जबरदस्त जमेगी. 2. अगर सब्जी में नमक ज्यादा हो गया हो तो आट को गूंथ कर उसके छोटे – छोटे पेड़े ( लोइयां ) बना कर डाल दे नमक कम हो जायेगा. 3. प्याज को काट कर बल्ब या ट्यूब लाईट के साथ बाँधने से मच्छर व छिपकिली और मोर का पंख घर में कहीं भी लगाने से केवल छिपकिली नही आती यह आजमाए हुए हैं. 4. यदि फ्रिज में कोई भी खुशबू या बदबू आती है तो आधा कटा हुआ निम्बू रखने से ख़त्म हो जायेगी एक हज़ार बार अजमाया हुआ है .| 5. चावल के उबलने के समय २ बूँद निम्बू के रस की डाल दे चावल खिल जायेंगे और चिपकेंगे नही. 6. चीनी के डब्बे में तीन या चार लौंग डालने से चींटी नहीं आती. 7. बरसातों के दिनों में अक्सर नमक सूखा नही रह पाता वह सिल ( गीला गीला सा) जाता है आप नमक की डिबिया में ४-५ चावल के दाने डाल दें बहुत कम उसमे सीलापन आता है तब. 8. मेथी की कड़वाहट हटाने के लिये थोड़ा सा नमक डालकर उसे थोड़ी देर के लिये अलग रख दें. 9. आटा गूंधते समय पानी के साथ थोड़ा सा दूध मिलाये। इससे रोटी और पराठे का स्वाद बदल जाएगा. कु...

** तेज याददाश्त : ब्राह्मी, अखरोट, फल, गेहूं के जवारे का जूस, बैंगन, चुकंदर और प्याज**

चीजें जिन्हें खाने से दिमाग बहुत तेज चलने लगता है, बार-बार भूलने की समस्या बहुत ही परेशानी देने वाली होती है। जिन लोगों के साथ ये समस्या होती है सिर्फ वे खुद ही नहीं उनसे जुड़े अन्य लोग भी कई बार समस्या में पड़ जाते है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ कई लोगों की याददाश्त कमजोर होने लगती है। किसी भी चीज को ढ़ूंढने या काम को याद रखने के लिए दिमाग पर जोर डालना पड़ता है। नीचे लिखी चीजों को अपने आहार में शामिल करें और पाएं गजब की याददाश्त... पूरी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे। तेज याददाश्त : ब्राह्मी,अखरोट,फल,गेहूं के जवारे का जूस,बैंगन,चुकंदर और प्याज - आयुर्वेदिक जग� आँखों के काले घेरे, आतों के घाव, आधाशीशी, उच्च रक्तचाप, उल्टी, एड्स, एनीमिया, कंठमाला, कब्ज, कमजोरी, कमर दर्द,… WWW.ALLAYURVEDIC.ORG

**बीमारीयाे से आसानी से मुक्ति**

सुबह और रात के भाेजन के बाद 1-1 लाैंग चूसें। कभी एसीडीटी नही हाेगी। 125 ग्राम दही का मठ्ठा बनाकर उस मे 2 ग्राम अजवायन और काला नमक आधा ग्राम सभी काे पिसकर खाना खाने के पिने से गैस, कब्ज, वायुगाेला 2 हप्ते मे समाप्त हाेगा। धनिया, साैफ और जीरा सब काे समान मात्रा मे लेकर भून लें और इस मे थाेडा काला नमक डालकर सुबह दाेपहर रात काे मठ्ठे के साथ सेवन करने से अतीसार मे आराम हाेगा। पपीते की जड 6 ग्राम लेकर पत्थर पे घिस से उस के बाद इसे 50 मिली पानी मे घाेलकर राेगी काे पिला दे। सुबह शाम इस प्रयाेग काे 30 दिन करने से पथरी (Kidney stone) गलकर बाहर आएेगा। एक ग्लास मे छाछ लेकर उस मे आधा ग्राम पिसी हुई कालीमिर्च डालकर राेजाना एक हप्ते तक पिने से पांडुराेग या पीलिया (Jaundise) ठीक हाेगा। सूखे आवले का चुर्ण 4 ग्राम अथवा हरे आवले का रस 25 मिली दिन मे 3 बार सेवन करे इस प्रयाेग से सभी प्रकार के लिवर (Liver) की समस्या ठीक हाेगी। 2 ग्राम अजमाेद का चुर्ण 1 ग्राम सेंधा नमक के साथ लेने से तुरंत पेट दर्द मे लाभ हाेगा। जब भी मुत्र त्याग करे तब अपने मुत्र से बवासीर के मस्साे से 2 माह तक धाेने से बवासीर राेग...

**प्राणायाम**

 प्राणायाम का वैज्ञानिक रहस्य जान जाओगे तो इसको प्रतिदिन करोगे क्योंकि ये असाध्य रोगों का एकमात्र उपचार

** शीघ्रपतन, धातु क्षीणता व धातु स्राव के 6 रामबाण घरेलु उपाय,**

शीघ्र गिर जाने को शीघ्रपतन कहते हैं। सेक्स के मामले में यह शब्द वीर्य के स्खलन के लिए, प्रयोग किया जाता है। पुरुष की इच्छा के विरुद्ध उसका वीर्य अचानक स्खलित हो जाए, स्त्री सहवास करते हुए संभोग शुरू करते ही वीर्यपात हो जाए और पुरुष रोकना चाहकर भी वीर्यपात होना रोक न सके, अधबीच में अचानक ही स्त्री को संतुष्टि व तृप्ति प्राप्त होने से पहले ही पुरुष का वीर्य स्खलि त हो जाना या निकल जाना, इसे शीघ्रपतन होना कहते हैं। इस व्याधि का संबंध स्त्री से नहीं होता, पुरुष से ही होता है और यह व्याधि सिर्फ पुरुष को ही होती है। शीघ्र पतन की सबसे खराब स्थिति यह होती है कि सम्भोग क्रिया शुरू होते ही या होने से पहले ही वीर्यपात हो जाता है। सम्भोग की समयावधि कितनी होनी चाहिए यानी कितनी देर तक वीर्यपात नहीं होना चाहिए, इसका कोई निश्चित मापदण्ड नहीं है। यह प्रत्येक व्यक्ति की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति पर निर्भर होता है। वीर्यपात की अवधि स्तम्भनशक्ति पर निर्भर होती है और स्तम्भन शक्ति वीर्य के गाढ़ेपन और यौनांग की शक्ति पर निर्भर होती है। स्तम्भन शक्ति का अभाव होना शीघ्रपतन है, शीघ्रपतन होने का मुख्य कारण होता...

दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय और नुस्खे

आज का दौर ऐसा है कि आपको मानसिक रुप से स्वस्थ होने की बहुत ज्यादा जरूरत है. इसलिए हम आज आप को दिमाग तेज करने के कुछ घरेलू उपाय और नुस्खे यहां बता रहे हैं. चाहे पढ़ाई का क्षेत्र हो या बिजनेस का या फिर आप जॉब करते हो या और अन्य किसी भी तरह का कोई भी काम करते हैं. http://www.healthtipsinhindi.in/how-to-increase-memory-pow

शराब छोड़ने के उपाय

कहतें हैं कि शराब पीने की जिसे आदत पड़ जाती है, आसानी से नहीं छुटती, लेकिन होम्योपेथी में सेलेनियम-30 एक ऐसी दवा है, जिसके कुछ दिनों का सेवन करने के बाद शराब पीने वाले को शराब खराब लगने लगती है! एक दिन में तीन बार सेवन कि गई पहले दिन कि खुराकें ही आश्चर्यजनक लाभ पहुंचाती है और शराब पीने कि इच्छा समाप्त हो जाती है! पूरा लाभ पाने के लिए कुछ दिनों तक नियमित सेवन कराएं! 2)सेब का रस बार बार पीने से और भोजन के साथ सेब खाने से भी शराब कि आदत छुट जाती है! यदि उबले हुए सेबों को दिन में तीन बार खिलाया जाए, तो कुछ ही दिनों में शराब पीने कि लत छुट जाती है! 3)500 ग्राम नई देसी अजवाइन को पीसकर उसे 7 लीटर पानी में दो दिन के लिए भिगो दें! फिर धीमी आंच पर इतना पकाएं कि पानी लगभग 2 लीटर रह जाए! ठंडा होने पर छान कर बोतल में भर दें! शराब कि तलब लगने पर 5 चम्मच कि मात्रा में पीते रहने से भी शराब पीने कि आदत छुट जाती है! 4)शराब छुड़ाने में एक दवा ऐकेम्प्रोसेट ईजाद हुई है! इसे अब तक दस लाख से ज्यादा लोगों ने इस्तिमाल किया है और बेहतर परिणाम मिले हैं! इस दवा को फ्रांस में लें स्थित 'लिफा एस.ए कम्पनी न...

अरुचि [ भूख न लगना ]

इस रोग में रोगी को भूख नहीं लगती | यदि जबरदस्ती भोजन किया भी जाय तो वह अरुचिकर लगता है | रोगी 1 या 2 ग्रास ज्यादा नहीं खा पाता और उसे बिना कुछ खाये -पिये खट्टी डकारें आने लगती हैं | इस तरह भूक न लगने अरुचि कहते हैं | आमाशय या पाचनतंत्र में कमी होने के कारण भूख लगनी कम हो जाती है | ऐसे में यदि कुछ दिनों तक इस बात पर ध्यान न दिया जाये तो भूख लगनी बिलकुल ही बंद हो जाती है | अधिक चिंता, क्रोध , भय और घबराहट के कारण भी यकृत की ख़राबी के कारण भी भूख नहीं लगती | विभिन्न औषधियों द्वारा अरुचि का उपचार -------- १-गेंहू के चोकर में सेंधा नमक और अजवायन मिलाकर रोटी बनाकर खाने से भूख तेज़ होती है | २-एक सेब या सेब के रस के प्रतिदिन सेवन से खून साफ़ होता है और भूख भी लगती है | ३-एक गिलास पानी में 3 ग्राम जीरा , हींग , पुदीना , कालीमिर्च और नमक डालकर पीने से अरुचि दूर होती है | ४-अजवायन में स्वाद के अनुसार कालानमक मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से अरुचि दूर होती है | ५-प्रतिदिन मेथी में छौंकी गई दाल या सब्ज़ी के सेवन से भूख बढ़ती है | ६-नींबू को काटकर इसमें सेंधा नमक डालकर भोजन से पहले चूसने से कब्ज़...

कोलेस्ट्रोल कम ऐसे करें

कोलेस्ट्रोल, एक ऐसी समस्या है जो अब आम बनती जा रही है। कोलेस्ट्रोल कम करने का अर्थ है हृदय रोग का सही उपचार।, कोलेस्ट्रोल को कम करने के कुछ घरेलू उपचार यहाँ दिए जा रहे हैं- - कच्ची लहसुन रोज सुबह खाली पेट खाने से कोलेस्ट्रोल कम होता है। - रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से खून में कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है। - अंकुरित दालें भी खानी आरंभ करें। - सोयाबीन का तेल अवश्य प्रयोग करें यह भी उपचार है। - लहसुन, प्याज, इसके रस उपयोगी हैं। - नींबू, आंवला जैसे भी ठीक लगे, प्रतिदिन लें। - शराब या कोई नशा मत करें, बचें। - इसबगोल के बीजों का तेल आधा चम्मच दिन में दो बार। - दूध पीते हैं तो उसमे जरा सी दालचीनी) डाल दो, कोलेस्ट्रोल कण्ट्रोल होगा। - रात के समय धनिया के दो चम्मच एक गिलास पानी में भिगो दें। प्रात: हिलाकर पानी पी लें। धनिया भी चबाकर निगल जाएं।

अरुचि [ भूख न लगना ]

इस रोग में रोगी को भूख नहीं लगती | यदि जबरदस्ती भोजन किया भी जाय तो वह अरुचिकर लगता है | रोगी 1 या 2 ग्रास ज्यादा नहीं खा पाता और उसे बिना कुछ खाये -पिये खट्टी डकारें आने लगती हैं | इस तरह भूक न लगने अरुचि कहते हैं | आमाशय या पाचनतंत्र में कमी होने के कारण भूख लगनी कम हो जाती है | ऐसे में यदि कुछ दिनों तक इस बात पर ध्यान न दिया जाये तो भूख लगनी बिलकुल ही बंद हो जाती है | अधिक चिंता, क्रोध , भय और घबराहट के कारण भी यकृत की ख़राबी के कारण भी भूख नहीं लगती | विभिन्न औषधियों द्वारा अरुचि का उपचार -------- १-गेंहू के चोकर में सेंधा नमक और अजवायन मिलाकर रोटी बनाकर खाने से भूख तेज़ होती है | २-एक सेब या सेब के रस के प्रतिदिन सेवन से खून साफ़ होता है और भूख भी लगती है | ३-एक गिलास पानी में 3 ग्राम जीरा , हींग , पुदीना , कालीमिर्च और नमक डालकर पीने से अरुचि दूर होती है | ४-अजवायन में स्वाद के अनुसार कालानमक मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से अरुचि दूर होती है | ५-प्रतिदिन मेथी में छौंकी गई दाल या सब्ज़ी के सेवन से भूख बढ़ती है | ६-नींबू को काटकर इसमें सेंधा नमक डालकर भोजन से पहले चूसने से कब्ज़...

परस्पर विरुद्ध आहार का कभी सेवन न करें

1 दूध और कटहल का कभी भी एक साथ सेवन नहीं करना चाहिये 2. दूध और कुलत्थी भी कभी एक साथ नहीं लेना चाहिए 3. नमक और दूध (सेंधा नमक छोड़कर) दूध और सभी प्रकार की खटाइयां, दूध और मूँगफली, दूध और मछली, एक साथ प्रयोग ना करें। 4. दही गर्म करके नहीं खाना चाहिये हानि पहुँचती है, कढ़ी बनाकर खा सकते हैं। 5. शहद और घी समान परिणाम में मिलाकर लेना विष के समान है। 6. जौ का आटा कोर्इ अन्न मिलाये बिना नहीं लेना चाहिए। 7. रात्रि के समय सत्तू का प्रयोग वर्जित है, बिना जल मिलाये सत्तू ना खायें। 8. तेज धूप में चलकर आने के बाद थोड़ा आराम करके ही पानी पियें, व्यायाम या शारीरिक परिश्रम के तुरन्त बाद पानी ना पियें या थोड़ी देर बाद पानी पियें और भोजन के प्रारम्भ में पानी पीना वर्जित है। 9. प्रात:काल भोजन के पश्चात तेज गति से चलना हानिकारक है। 10. शाम को खाने के बाद थोड़ी देर चलना आवश्यक है, खाना खाकर तुरन्त सो जाना हानिकारक है। 11. रात्रि में दही का सेवन निषेध है, भोजन के तुरन्त बाद जल का सेवन निषेध है। दिन में भोजन के बाद मठ्ठा और रात्रि में भोजन के बाद दूध लेना लाभदायक होता है। वात के रोगों में ब्लड एसिडिटी, ...

**सफेद बाल**

सफेद बाल काले होंगे - कुछ दिनों तक नहाने से पहले रोजाना सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। बाल सफेद से काले होने लगेंगे। नीबू के रस में आंवला पाउडर मिलाकर सिर पर लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं। आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए। 15 मिनट बाद बाल धो लें। प्रतिदिन घी से सिर की मालिश करके भी बालों के सफेद होने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

घर में लगाइये मच्छरों को दूर भगाने वाले पौधे

मच्छरों को भगाने के लिए ऐसे पौधे आपके आसपास ही मौजूद हैं। तुलसी , गेंदा, रोजमेरी और लौंग कुछ ऐसे ही पौधों के उदाहरण हैं जिन्हें लगा कर आप मच्छरों से भी बच जाएंगे और आपके पैसे भी नहीं खर्च होंगे। साथ ही आप कैमिकल्स के प्रभाव से भी बचे रहेंगे। आइए जानते हैं इन पौधों के बारे में: * गेंदे का फूल : यह बहुत ही आम फूल है और हर घर में पाया जाता है। इसकी गंध बहुत तीखी होती है इसलिए यह मच्छरों को दूर भगाने में सहायक होता है। इसके आसपास तक मच्छर नहीं फटकते हैं। * सिट्रोनेला : : दरअसल , यह एक घास की प्रजाति का एक पौधा है जिसमें से नींबू की तरह सिट्रस की खुशबू आती है। * तुलसी : : हर हिंदू घर में तुलसी का पौधा जरूर होता है। इसकी तेज खुशबू मच्छरों को परेशान कर देती है और वे भाग जाते हैं। * हार्समिंट : : यह एक तरह का मिंट पौधा है जिसमें से कसैली गंध आती है। इसको लगा कर आप मच्छरों को दूर रख सकते हैं। * विडालपर्णास : : इस पौधे में मच्छरों को भगाने वाले क्वॉयल और स्प्रे से कहीं ज्यादा कैमिकल होता है। * लेमन बाल्म : यह दिखने में पुदीने के पौधे की तरह लगता है , लेकिन इसमें ...

जब सताए मुंहासे

आज मुंहासे सिर्फ किशोरों की समस्या नहीं रह गई। बढ़ते प्रदूषण, तनाव, असंतुलित आहार, कम पानी पीने और नशे की आदत के चलते यह आजकल हर उम्र के लोगों की समस्या बन चुका है। इनसे निजात पाने के लिए बाजार में उपलब्ध किसी पिंपल क्रीम को आजमाने के बजाय यह उपाय अपना कर देखें। मुंहासों पर चंदन का पेस्ट लगाने से यह बैठ जाते हैं। इसके लगातार इस्तेमाल से इनके निशान भी खत्म हो जाते हैं। नीम के पानी की भाप लेने से मुंहासे धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। बेसन और मट्ठे का पेस्ट व जायफल और दूध का पेस्ट चेहरे पर लगाने से भी मुंहासे कम होते हैं। नींबू, टमाटर का रस या कच्चा पपीता लगाने से भी फायदा होता है। अजवाइन पाउडर को दही में मिला कर चेहरे पर लगाएं। मुंहासों से छुटकारा मिलेगा।

फटी एड़ियों का कोई घरेलु उपाय.....

हवाई चप्पल पहनने या यहाँ तक कि किसी खुरदुरे सतह पर नंगे पैर चलने से भी एड़ियां फट सकती हैं। यह बहुत ज़रूरी है कि आप अपने पैरों का ख्याल रखें, और फटी हुई एड़ियों को ठीक करें वरना इससे संक्रमण भी हो सकता है। इसके घरेलु उपाय जानने के लिए पढ़ना जारी रखें। एक बाल्टी को गुनगुने पानी से भरें और उसमें थोड़ा सेंधा नमक मिला दें। इसमें अपने पैर डुबाकर दस मिनट के लिए छोड़ दें। इससे एड़ियों की दरारें नर्म हो जाएँगी। अब एक पत्थर का झाँवा लें और उससे पैर के किनारों को रगड़ें। डेड स्किन को हटाने के लिए आप पैर रगड़ने वाले स्क्रब का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। जैतून के तेल और चीनी को मिलाकर बने उनके मिश्रण के इस्तेमाल से पैरों पर स्क्रब के द्वारा रब करें। अब अपने पैरों को धो लें और उसे हलके हाथों से पोछकर सुखाएं। किसी गाधी क्रीम से पैरों को नम करें। चाहें तो आप पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, दरारों को भरने में वह बहुत उपयोगी होती है। ऐसा कर लेने के बाद नमी को बरकरार रखने के लिए मौजे पहन लें। सोने के लिए जाने से पहले ऐसा करना सबसे बेहतर परिणाम देगा। मौजे पहनकर ही सोए...