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मई, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

**सफेद पानी**

सफेद पानी नाशक पाँच नुस्खे मुलहठी 3-3 ग्राम शहद से दिन में दो बार रोज चाटें । अशोक की छाल का चूरन 2 ग्राम ताजे पानी से दिन में दो बार । पीपल के फल का चूरन में बराबर मिश्री युक्त चूरन 1 चम्मच पानी से लें । बरगद के फल का चूरन उपरोक्त विधि अनुसार बनाकर लें । लाजवंती बीज 1-1 ग्राम दिन में तीन बार दूध से लें । नोट :- नुस्खा कोई भी सेवन करो लेकिन इसके साथ - साथ गुप्तअंगों की सफाई बहुत जरूरी है । जितनी बार आप मूत्र त्याग करने जाएं नीम के पत्तों को उबालकर बने हुए जल से जरूर धोए । या 50 ग्राम फिटकरी 5 लीटर पानी में उबालकर बोतल में घोल कर रख लें ।इस से भी प्रक्षालन कर सकते है

हार्ट अटैक: ना घबराये

सहज सुलभ उपाय …. 99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल का पत्ता…. पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें। पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें। * पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं। * खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें। * प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस, मछली, अंडे, शर...

मोटापे को कहें टा-टा

हाल के बरसों में मोटापा लोगों की एक बड़ीसमस्या बन चुका है। जो लोग फिट हैं , वे वजनबढ़ने नहीं देना चाहते और जो मोटे हैं , वे इसेघटाना चाहते हैं। एक्सर्पट्स की सलाह से यहां हमफिट रहने के तरीके बता रहे हैं : जानें अपना BMI यह जानना बेहद जरूरी है कि असल में फिट किसेकहें। इसका सीधा - सा फंडा है बीएमआई यानीबॉडी मास इंडेक्स। स्वस्थ व्यक्ति के लिएडब्ल्यूएचओ ने 25 और भारत सरकार ने 23बीएमआई तय किया है क्योंकि भारतीयों के शरीरमें पश्चिमी देशों के लोगों के मुकाबले 5 फीसदी फैट ज्यादा होता है। कैसे निकालें BMI बॉडी मॉस इंडेक्स = वजन ( किलो में ) / लंबाई ( मीटर में ) 2 अगर आपका वजन 60 किलो है और लंबाई 160 सेंटीमीटर यानी 1.6 मीटर है। BMI= 60 / 1.6 x 1.6 = 60 / 2.56 = 23.4(यानि आप फिट हैं) 1 . 23 या इससे कम - फिट 2 . 24 से 25- ओवरवेट 3 . 26 से 30- मोटे 4. 30 से ज्यादा - बेहद मोटे 5 . 19 से नीचे - अंडरवेट कमर की चौड़ाई से पता लगाएं रिस्क आप ओवरवेट हैं या नहीं , यह पता लगाने का बीएमआई अच्छा तरीका है। अगर आपकाबीएमआई तय सीमा से ज्यादा है तो इसका मतलब है कि आपका वजन ज्यादा है , लेकिन क्याआपको पता ...

आलू के फायदे

आलू जो हर मौसम में आसानी से उपलब्ध होता है क्या आप आलू की खासियत जानते है अगर नहीं तो मैं बता रहा हूँ....... वैसे तो आलू का चरबी बढ़ाने वाला वाला माना जाता है,लेकिन आलू के फायदे बहुत कम लोग जानते हैं। हम बताते हैं आपको आलू के कुछ ऐसे ही गुण जो शायद आप नहीं जानते होंगे। आलू में विटामिन सी, बी कॉम्पलेक्स तथा आयरन , कैल्शियम, मैंगनीज, फास्फोरस तत्त्व होते हैं। आलू के प्रति 100 ग्राम में 1.6 प्रतिशत प्रोटीन, 22.6 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 0.1 प्रतिशत वसा, 0.4 प्रतिशत  खनिज और 97 प्रतिशत कैलोरी ऊर्जा पाई जाती है। आलू उबालने के बाद बचे पानी में एक आलू मसलकर बाल धोने से आश्चर्यजनक रूप से बाल चमकीले, मुलायम और जड़ों से मजबूत होंगे। सिर में खाज, सफेद होना व गंजापन तत्काल रुक जाता है। जलने पर कच्चा आलू कुचलकर जले भाग पर तुरंत लगा देने से आराम मिल जाता है। आलू को पीसकर त्वचा पर मलें। रंग गोरा हो जाएगा। आलू के रस में नींबू रस की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से धब्बे हल्के हो जाते हैं। आलू के टुकड़ों को गर्दन, कुहनियों आदि सख्त स्थानों पर रगडऩे से वहां की त्वचा साफ एवं कोमल हो जाती है।...

बीमारीयाे से आसानी से मुक्ति

सुबह और रात के भाेजन के बाद 1-1 लाैंग चूसें। कभी एसीडीटी नही हाेगी। 125 ग्राम दही का मठ्ठा बनाकर उस मे 2 ग्राम अजवायन और काला नमक आधा ग्राम सभी काे पिसकर खाना खाने के पिने से गैस, कब्ज, वायुगाेला 2 हप्ते मे समाप्त हाेगा। धनिया, साैफ और जीरा सब काे समान मात्रा मे लेकर भून लें और इस मे थाेडा काला नमक डालकर सुबह दाेपहर रात काे मठ्ठे के साथ सेवन करने से अतीसार मे आराम हाेगा। पपीते की जड 6 ग्राम लेकर पत्थर पे घिस से उस के बाद इसे 50 मिली पानी मे घाेलकर राेगी काे पिला दे। सुबह शाम इस प्रयाेग काे 30 दिन करने से पथरी (Kidney stone) गलकर बाहर आएेगा। एक ग्लास मे छाछ लेकर उस मे आधा ग्राम पिसी हुई कालीमिर्च डालकर राेजाना एक हप्ते तक पिने से पांडुराेग या पीलिया (Jaundise) ठीक हाेगा। सूखे आवले का चुर्ण 4 ग्राम अथवा हरे आवले का रस 25 मिली दिन मे 3 बार सेवन करे इस प्रयाेग से सभी प्रकार के लिवर (Liver) की समस्या ठीक हाेगी। 2 ग्राम अजमाेद का चुर्ण 1 ग्राम सेंधा नमक के साथ लेने से तुरंत पेट दर्द मे लाभ हाेगा। जब भी मुत्र त्याग करे तब अपने मुत्र से बवासीर के मस्साे से 2 माह तक धाेने से बव...

प्राकृतिक पेनकिलर

अगर आप दर्द से तुरंत आराम के लिए पेनकिलर दवाओं का विकल्प खोज रहें तो अपने किचन में झांकिए, आपका किचन भी प्राकृतिक पेनकिलर के खजाने से कम नहीं है - दांतों में दर्द हो या सिर दर्द से फटा जा रहा हो, पेनकिलर दवाएं घर हों ही, ऐसा जरूरीनहीं। ऐसे में दर्द से तुरंत आराम के लिए आपका किचन भी प्राकृतिक पेनकिलर के खजाने से कम नहीं है। अगर आप भी किसी दर्द से परेशान हैं तो अपने किचन में मौजूद इन सात पेनकिलर को ट्राइ करें, जिनसे दर्द से राहत तो मिलेग ी ही साथ ही कोई साइडएफेक्ट भी नहीं होगा। 1. लौंग दांतों का दर्द हो या मसूड़े में सूजन, लौंग के सेवन से दर्द से तुरंत राहत मिलती है। इसमें मौजूद यूजेनॉल नामक तत्व प्राकृतिक पेनकिलर का काम करता है, यही वजह है कि डेन्टिस्ट में दांतों के दर्द में लौंग का तेल लगाने की सलाह देते हैं। 2. अदरक मांसपेशियों के दर्द, जोड़ों में अकड़न और शरीर जकड़ने पर अदरक का सेवन बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद जिन्जेरॉल नामक तत्व में मांसपेशियों और जोड़ों से दर्द में आराम दिलाने की शक्ति होती है। 3. लहसुन लहसुन में मौजूद जर्मेनियम, सेलेनियम और लस्फर जैसे तत्व कान के दर्द में राहत...

जीवन में सर्वत्र सफलता , यश, कीर्ति हेतु कुछ खास उपाय

1. जीवन में मनवांछित सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से अपने माता - पिता और बड़े बुजर्गो का आशीर्वाद लें कर ही अपने दिन की शुरुआत करें और तभी घर से कहीं बाहर जाएँ ,याद रखिये उनका कभी भी किसी भी दशा में दिल न दुखाएं । 2.स्त्रियों को देवी का स्वरुप माना गया है घर की सभी स्त्रियों(एवं किसी भी स्त्री को )पूर्ण सम्मान दें ,शास्त्रों में भी लिखा है जिस घर में स्त्रियाँ प्रसन्न रहती है वहां पर सौभाग्य स्वयं खिंचा चला आता है  । 3.जीवन में स्थाई सुख और सफलता तभी प्राप्त होती है जब हमारे कर्म शुभ होते है , क्रोधी , लालची, अभिमानी , शक्ति का दुरूपयोग करने वाला , गलत तरीके से धन संग्रह करने वाले को यदि धन, शक्ति और सत्ता का आस्थाई सुख मिलता भी है तो उसको पारिवारिक जीवन का सुख नहीं मिलता है उसका बुडापा कष्टमय बीतता है , उसके जीवन में निरंतर अस्थिरता बनी रहती है , उसके परिवार में कोई न कोई रोग बना ही रहता है इसलिए हम सभी को अपने कर्म अवश्य ही अच्छे करने चाहिए । 4.यदि जीवन में लगातार कार्यों में बाधाएं आती है तो किसी भी दिन किसी मंदिर में अनाज के दाने चड़ाकर सच्चे मन से अपनी मनोकामन...

कमाल है

 बाल्टी पानी में 4 चम्मच नमक...फिर देखो कमाल! आगे बढऩे की चाहत और गलाकाट प्रतियोगिता के चलते आधुनिक इंसान के ऊपर काम का तनाव दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। आधुनिक इंसान की इस तनाव भरी मजबूरी से फायदा उठाने के लिये कितने ही लागों ने अपनी दुकान लगा ली है। दुनिया की शायद ही कोई चिकित्सा पद्धति ऐसी बची होगी जो व्यक्ति को तनाव से छुटकारा दिलाने का पक्का यकीन न दिलाती हो। यहां तक कि बड़े- बड़े होटलों में तो तनाव से छुटकारा दिलाने के नाम पर मंहगी से मंहगी मसाज थैरपी का प्रचलन चल पड़ा है। यहां हम एक ऐसा कुदरती और साथ ही वैज्ञानिक प्रयोग बता रहे हैं जो सिर्फ चंद मिनिटों में ही हर तरह के शारीरिक और मानसिक तनाव से तत्काल मुक्ति दिलाता है। इस प्रयोग की असलियत और प्रभाव को जांचने के लिये लंबा इंतजार करने की कतई आवश्यकता नहीं है। मात्र 15 मिनिटों में ही आप इस प्रयोग के चमत्कारी प्रभाव से परिचित हो जाएंगे.... प्रयोग:- दिन भर के तमाम कार्यों से निवृत्त होकर सोने से ठीक पहले यह प्रयोग करना चाहिये। 1 बाल्टी में सामान्य गर्म यानी गुनगुना पानी भर लें। इस पानी में लगभग 4 चम्मच साधारण और सस्ते से सस्...

किडनी के स्‍टोन से निजात

बहुत से ऐसे घरेलू उपाय है जिनको अपनाकर किडनी के स्‍टोन से निजात पाई जा सकती है। आइए जाने ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में। 1 किडनी में स्‍टोन किडनी में स्‍टोन की समस्‍या आजकल आम हो चली है। इसकी बड़ी वजह खान-पान की गलत आदतें होती हैं। किडनी में स्‍टोन यूरीन सिस्टम का एक रोग है जिसमें किडनी के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं। आमतौर पर यह ये पथरियां यूरीन के रास्ते शरीर से बाहर निकाल जाती है। बहुत से ऐसे घरेलू उपाय है जिनको अपनाकर इनसे निजात पाई जा सकती है। आइए जाने ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में। 2 करेला करेला वैसे तो बहुत कड़वा होता है और आमतौर पर लोग इसे कम पसंद करते है। परन्‍तु पथरी में यह रामबाण की तरह काम करता है। करेले में मैग्‍नीशियम और फॉस्‍फोरस नामक तत्‍व होते हैं, जो पथरी को बनने से रोकते हैं। 3 अंगूर अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होता हैं, इसलिए किडनी में स्‍टोन के उपचार के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। साथ ही अंगूर प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में उत्कृष्ट रूप में कार्य करता है क्योंकि इनमें पोटेशियम नमक और पान...

नाभि डिगना या चढ़ना : एक वास्तविक समस्या

नाभि का अपने स्थान से हट जाना, मानव शरीर में अस्वस्थता पैदा कर, कई प्रकार की शारीरिक व्याधियां उत्पन्न करता है, जिनका समाधान नाभि को पुनः यथास्थान पर ला कर ही होता है, औषधियों से नहीं। इस रोग को नाभि खिसकना, नाभि चढ़ना, धरण का टलना आदि नामों से जाना जाता है। शिशु रूप में जब मानव गर्भावस्था में होता है, तब नाभि ही एकमात्र वह मार्ग होता है, जिसके माध्यम से वह अपनी सभी महत्त्वपूर्ण क्रियाओं, जैसे सांस लेना, पोषक तत्वों को ग्रहण करना तथा व्यर्थ और हानिकारक पदार्थों का निष्कासन करता है। जन्मोपरांत शिशु के गर्भ से बाहर आते ही सबसे पहला कार्य उसकी नाभि और मां के प्लेसेंटा का संबंध विच्छेदन करना तथा शिशु की नाभि-रज्जू को कस कर बांधना होता है। उदर और आंतों से संबंधित रोगों में, जैसे कब्ज और अतिसार आदि का जब सभी प्रकार के निरीक्षण करने पर भी रोग के कारण मालूम न हों, मल-परीक्षण करने से भी किसी जीवाणु का पता न चले, रोगी में पाचक रस, पित्त और पुनःसरण गति सामान्य हो, लेकिन उसके उदर के शारीरिक परीक्षण में नाभि पर धमनी की तीव्र धड़कन महसूस न हो कर उससे कुछ हट कर प्रतीत होती हो, जबकि सामान्य अवस्था...

**टांसिल बढ़ना**

 परिचय : गले के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ मांस की एक गांठ सी होती है, जो लसिका ग्रंथि के समान होती है जिसे टांसिल कहते हैं। गले में छोटे-छोटे गोल कृत (गोल आकार के) मांसल तन्तु टॉन्सिल कहलाते हैं। इनमें पैदा होने वाले शोथ (सूजन) को टाँन्सिलाइटिस कहा जाता है। विभिन्न भाषाओं में नाम हिन्दी टॉन्सिल। गुजराती काकरबढवो। अंग्रेजी टान्सिलाइटिस। कन्नड़ गण्टालु नोबु। मलयालम टोण्डा-विकम, टोण्डमुल्लु। पंजाबी गले दी ग्रिन्थ बढ़ना। तमिल लशुनाबिव्म, अन्नकु। तेलगु अंगिटमुल्लु। अरबी गियालु। मराठी गल्या चारोग। कारण : मैदा, चावल, आलू, चीनी, ज्यादा ठंडा, ज्यादा खट्टी चीजों का जरूरत से ज्यादा प्रयोग करना टांसिल के बढ़ने का मुख्य कारण है। ये सारी चीजें अम्ल (गैस) बढ़ा देती है। जिससे कब्ज की शिकायत बढ़ जाती है। सर्दी लगने की वजह से भी टांसिल बढ़ जाते हैं। खून की अधिकता, मौसम का अचानक बदल जाना जैसे गर्म से अचानक ठंडा हो जाना, आतशक (गर्मी), हवा का बुखार, दूषित वातावरण में रहने से तथा खराब दूध पीने से भी टांसिल बढ़ जाते हैं। लक्षण : गले में सूजन, दर्द, बदबूदार सांस, जीभ पर मैल, सिर में दर्द...

मिसकैरेज

                                                           मिसकैरेज के कारण, बचाव और उपचार मिसकैरेज गर्भावस्था की उस अवस्था को कहते हैं जो कि गर्भधारण (gestation) के 20 हफ़्तों के अंदर अपने आप समाप्त हो जाती है। शोध के अ नुसार 10 से 25 % जाँची और पुष्टि की हुई गर्भावस्था की स्थितियां मिसकैरेज में परिणत होती हैं। ज़्यादा मिसकैरेज गर्भधारण के 13 हफ़्तों के अंदर होते हैं। यह एक काफी खतरनाक स्थिति है, अतः इसके बारे में अच्छे से जानना काफी आवश्यक है। मिसकैरेज के अंतर्गत भ्रूण (fetus) का जीवन उसके ठीक से विकसित होने से पहले ही अचानक समाप्त हो जाता है। यह एक माँ तथा उसके पूरे परिवार के लिए एक काफी गहरा आघात होता है। गर्भावस्था के 24 हफ़्तों तक कभी अगर भ्रूण का जीवन समाप्त हो, तो उसे मिसकैरेज कहते है...