मुहाँसे सूज जाती हैं और पीप से भर जाती हैं। तैलीय ग्रन्थियों द्वारा सीबम का अत्यधिक उत्सर्जन मुहाँसों का प्राथमिक कारण है। यहाँ मुहाँसों के उपचार हेतु कुछ सामान्य विधियाँ दी गई हैं: मुहाँसों के उपचार के लिए अधिकतर नीम और तुलसी जैसी पत्तियों का उपयोग किया जाता है। मुहाँसों को कम करने के लिए उन पर ताज़ी और सूखी पत्तियों का लेप 10 मिनट के लिए लगाएँ, इसे एक सप्ताह में 4-5 बार करें। इनमें निम्बिन नामक सक्रिय तत्व होता है जो संक्रमणरोधी, फफूंदरोधी, ज्वरनाशक होता है और मुहाँसों को नियंत्रित करता है। तुलसी में यूजेनोल होता है, जो कि संक्रमणरोधी और निश्चेतक(antiseptic) होता है, और यह मुहाँसों के प्रभाव को नियंत्रित करता है। मुहाँसों से छुटकारे के लिए तुलसी के लेप को एक सप्ताह में 4-5 बार लगाएँ। आलू का रस त्वचा पर मंद ब्लीचिंग चमक देता है। मुहाँसों पर 10 मिनट के लिए आलू का रस/कटा आलू/मसला आलू सीधे लगाएँ और फिर धो डालें। आलू में विटामिन-सी, विटामिन-बी6, केरोटिनोइड्स और एंथोसायनिन्स होते हैं जो त्वचा को प्राकृतिक चमक देते हैं। शहद में मिला हुआ नीबू का रस मुहाँसों को ठीक कर...
अच्छी सेहत के लिए 1दाल, चावल/रोटी, सब्ज़ी, फल और सलाद शामिल करें प्रोटीन के लिए: दाल, अंडा, दूध, पनीर हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ ज़रूर खाएँ 💧 2. पानी ज़्यादा पिएँ रोज़ 2–3 लीटर पानी सुबह खाली पेट 1 गिलास गुनगुना पानी अच्छा रहता है 🍎 3. जंक फूड कम करें तला-भुना, ज़्यादा मीठा, कोल्ड ड्रिंक कम लें बाहर का खाना कम से कम खाएँ ⏰ 4. समय पर खाना खाएँ नाश्ता कभी न छोड़ें रात का खाना हल्का और सोने से 2–3 घंटे पहले खाएँ 🍽 5. Portion Control रखें एक बार में बहुत ज़्यादा न खाएँ धीरे-धीरे और चब