आधे सर का दर्द होने पर आपको बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता ,है यह रोग अधिकतर स्त्रियों में ज्यादा पाया जाता है कुछ लोग आधे सर के दर्द को आधाशीशी का दर्द या माइग्रेन (अंग्रेजी नाम) से भी उसको जाना जाता है नीचे हम आपको बता रहे हैं कि आधे सर में दर्द होने पर आपको क्या करना चाहिए और इससे कैसे बचा जा सकता है.
कई बार माइग्रेन यानी के आधे सर में दर्द व्यक्तियों को दूसरे रोग होने की वजह से भी हो जाता है जैसे कि आपको नजला, जुखाम, या आपका शरीर किसी अन्य रोग से ग्रस्त हो जाना बुखार आ जाना या कब्ज़ होने की वजह से भी आधे सिर दर्द की शिकायत हो जाती है.
- अधिकतर स्त्रियों में आधे सर का दर्द होने की शिकायत मासिक धर्म में गड़बड़ी हो जाने के कारण भी होती है.
- कई बार आपकी आंखों का नंबर बढ़ जाने की वजह से भी आधे सर में दर्द होने की शिकायत हो जाती है इसलिए किसी अच्छे Eye हॉस्पिटल में जाकर अपनी आंखों को चेक जरुर करवाएं.
- आपके शरीर में यकृत यानी कि जिगर में अगर किसी तरह की खराबी या आपको अधिक शारीरिक रूप से कमजोरी हो जाती है तब भी आपको माइग्रेन होने का खतरा होता है. होंटों का कालापन कैसे दूर करें
- इसके अलावा असंतुलित भोजन का अधिक मात्रा में उपयोग करने के कारण भी आपको इस तरह की शिकायत हो सकती है. कलौंजी के फायदे और कलौंजी से उपचार
- कई बार शारीरिक क्षमता से अधिक काम करने पर या बहुत ज़्यादा विश्राम करने पर भी आधे सर दर्द की शिकायत हो जाती है.
- बहुत ज़्यादा मानसिक तनाव या मानसिक रूप से थकान हो जाने पर भी आपको आधा सीसी का दर्द होने लगता है, ये विशेष रूप से उन लोगों में होता है जो बहुत अधिक कंप्यूटर का स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं.
आधे सर दर्द का इलाज – माइग्रेन का घरेलू उपचार
इस रोग में आप सबसे पहले प्राकृतिक चिकित्सा का सहारा लें जैसे आपको अपने भोजन में अधिकतर रसाहार चीजें जैसे कि चुकंदर गाजर का रस नारियल का पानी पत्ता गोभी अथवा ककड़ी इन जैसी चीजों का सेवन अपने भोजन में करना चालू कर दें. यहाँ पढ़ें:- पथरी के लक्षण और पथरी का इलाज
माइग्रेन हो जाने पर आपको अपने भोजन में मेथी, बथुआ की भाजी, अंजीर, आंवला, अनार, नींबू, अमरूद, सेब, संतरे, और धनिया जैसी चीजों को लेना शुरू कर देना चाहिए और इसके अलावा माइग्रेन के रोगी को देर रात तक ना तो भोजन करना चाहिए और ना ही ज्यादा रात तक जागे रहें और कहना शाम होते ही खा लेना चाहिए.
माइग्रेन या आधा सीसी के दर्द को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति द्वारा नाक से भाप देकर ठीक किया जा सकता है. अगर आप का रोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है एक छोटे से बर्तन में गरम पानी ले और उसके बाद प्रभावित व्यक्ति को बर्तन पर झुक कर नाक से भाप लेनी चाहिए. रोजाना कम से कम 10 या 15 मिनट इस प्रक्रिया को आप करें इससे माइग्रेन रोग कुछ ही दिनों में पूरी तरह से ठीक हो जाता है. मोज़े पहनकर सोने के फायदे यहाँ पढ़ें
माइग्रेन के रोगी को बीन्स का सेवन करने से बचना चाहिए इसके अलावा सोया और मटर की फली भी माइग्रेन के रोग को बढ़ाने में सहायक होती है. इसके अलावा आपको तेज मिर्च का सेवन और अचार भी खाना बंद कर देना चाहिए.
माइग्रेन के दर्द से बचाव के लिए आप पनीर से बनी हुई कोई भी चीज न खाएं इसके अलावा खट्टे फलों का सेवन करना भी माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकता है. और एक बात का विशेष ध्यान रखें हैं आप उस दौरान जंक फूड का सेवन बिल्कुल ना करें जैसे कि पिज़्ज़ा, बर्गर, पानीपुरी, मसाला डोसा, समोसा इत्यादी और इससे मिलती जुलती अन्य बाजार की चाट पकोड़ी खाने से परहेज़ करें. गोरा होने की दवा – गाजर का फेस पैक
आधा सीसी का दर्द हो जाने पर आप अंगूर के रस का सेवन करें इससे बहुत फायदा पहुंचता है और अगर दर्द बहुत ज्यादा है तब आधा चम्मच शहद में थोड़ा सा सोना नमक मिलाकर चटायें इसके अलावा हींग माइग्रेन के दर्द से राहत दिलाने में बहुत असरदार है अच्छी क्वालिटी की हींग को बिल्कुल थोड़ा सा पानी मिलाकर इसको लेप के रूप में माथे पर लगाएं, और हींग को सूंघें इससे दर्द में तुरंत आराम मिलता है.
आधा सीसी का दर्द होने पर आप दूध में जलेबियां या फिर रबड़ी मिलाकर खाएं इससे भी आधे सर दर्द की शिकायत में बहुत आराम मिलता है. और अगर आपको माइग्रेन के साथ-साथ उल्टी भी हो रही है तो इस दौरान आप प्रभावित व्यक्ति को शहद चटा दें और देसी घी में गुड मिलाकर खाने से भी यह रोग दूर हो जाता है.
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