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संदेश

**सफेद पानी**

सफेद पानी नाशक पाँच नुस्खे मुलहठी 3-3 ग्राम शहद से दिन में दो बार रोज चाटें । अशोक की छाल का चूरन 2 ग्राम ताजे पानी से दिन में दो बार । पीपल के फल का चूरन में बराबर मिश्री युक्त चूरन 1 चम्मच पानी से लें । बरगद के फल का चूरन उपरोक्त विधि अनुसार बनाकर लें । लाजवंती बीज 1-1 ग्राम दिन में तीन बार दूध से लें । नोट :- नुस्खा कोई भी सेवन करो लेकिन इसके साथ - साथ गुप्तअंगों की सफाई बहुत जरूरी है । जितनी बार आप मूत्र त्याग करने जाएं नीम के पत्तों को उबालकर बने हुए जल से जरूर धोए । या 50 ग्राम फिटकरी 5 लीटर पानी में उबालकर बोतल में घोल कर रख लें ।इस से भी प्रक्षालन कर सकते है

हार्ट अटैक: ना घबराये

सहज सुलभ उपाय …. 99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल का पत्ता…. पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें। पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें। * पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं। * खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें। * प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस, मछली, अंडे, शर...

मोटापे को कहें टा-टा

हाल के बरसों में मोटापा लोगों की एक बड़ीसमस्या बन चुका है। जो लोग फिट हैं , वे वजनबढ़ने नहीं देना चाहते और जो मोटे हैं , वे इसेघटाना चाहते हैं। एक्सर्पट्स की सलाह से यहां हमफिट रहने के तरीके बता रहे हैं : जानें अपना BMI यह जानना बेहद जरूरी है कि असल में फिट किसेकहें। इसका सीधा - सा फंडा है बीएमआई यानीबॉडी मास इंडेक्स। स्वस्थ व्यक्ति के लिएडब्ल्यूएचओ ने 25 और भारत सरकार ने 23बीएमआई तय किया है क्योंकि भारतीयों के शरीरमें पश्चिमी देशों के लोगों के मुकाबले 5 फीसदी फैट ज्यादा होता है। कैसे निकालें BMI बॉडी मॉस इंडेक्स = वजन ( किलो में ) / लंबाई ( मीटर में ) 2 अगर आपका वजन 60 किलो है और लंबाई 160 सेंटीमीटर यानी 1.6 मीटर है। BMI= 60 / 1.6 x 1.6 = 60 / 2.56 = 23.4(यानि आप फिट हैं) 1 . 23 या इससे कम - फिट 2 . 24 से 25- ओवरवेट 3 . 26 से 30- मोटे 4. 30 से ज्यादा - बेहद मोटे 5 . 19 से नीचे - अंडरवेट कमर की चौड़ाई से पता लगाएं रिस्क आप ओवरवेट हैं या नहीं , यह पता लगाने का बीएमआई अच्छा तरीका है। अगर आपकाबीएमआई तय सीमा से ज्यादा है तो इसका मतलब है कि आपका वजन ज्यादा है , लेकिन क्याआपको पता ...

आलू के फायदे

आलू जो हर मौसम में आसानी से उपलब्ध होता है क्या आप आलू की खासियत जानते है अगर नहीं तो मैं बता रहा हूँ....... वैसे तो आलू का चरबी बढ़ाने वाला वाला माना जाता है,लेकिन आलू के फायदे बहुत कम लोग जानते हैं। हम बताते हैं आपको आलू के कुछ ऐसे ही गुण जो शायद आप नहीं जानते होंगे। आलू में विटामिन सी, बी कॉम्पलेक्स तथा आयरन , कैल्शियम, मैंगनीज, फास्फोरस तत्त्व होते हैं। आलू के प्रति 100 ग्राम में 1.6 प्रतिशत प्रोटीन, 22.6 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 0.1 प्रतिशत वसा, 0.4 प्रतिशत  खनिज और 97 प्रतिशत कैलोरी ऊर्जा पाई जाती है। आलू उबालने के बाद बचे पानी में एक आलू मसलकर बाल धोने से आश्चर्यजनक रूप से बाल चमकीले, मुलायम और जड़ों से मजबूत होंगे। सिर में खाज, सफेद होना व गंजापन तत्काल रुक जाता है। जलने पर कच्चा आलू कुचलकर जले भाग पर तुरंत लगा देने से आराम मिल जाता है। आलू को पीसकर त्वचा पर मलें। रंग गोरा हो जाएगा। आलू के रस में नींबू रस की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से धब्बे हल्के हो जाते हैं। आलू के टुकड़ों को गर्दन, कुहनियों आदि सख्त स्थानों पर रगडऩे से वहां की त्वचा साफ एवं कोमल हो जाती है।...

बीमारीयाे से आसानी से मुक्ति

सुबह और रात के भाेजन के बाद 1-1 लाैंग चूसें। कभी एसीडीटी नही हाेगी। 125 ग्राम दही का मठ्ठा बनाकर उस मे 2 ग्राम अजवायन और काला नमक आधा ग्राम सभी काे पिसकर खाना खाने के पिने से गैस, कब्ज, वायुगाेला 2 हप्ते मे समाप्त हाेगा। धनिया, साैफ और जीरा सब काे समान मात्रा मे लेकर भून लें और इस मे थाेडा काला नमक डालकर सुबह दाेपहर रात काे मठ्ठे के साथ सेवन करने से अतीसार मे आराम हाेगा। पपीते की जड 6 ग्राम लेकर पत्थर पे घिस से उस के बाद इसे 50 मिली पानी मे घाेलकर राेगी काे पिला दे। सुबह शाम इस प्रयाेग काे 30 दिन करने से पथरी (Kidney stone) गलकर बाहर आएेगा। एक ग्लास मे छाछ लेकर उस मे आधा ग्राम पिसी हुई कालीमिर्च डालकर राेजाना एक हप्ते तक पिने से पांडुराेग या पीलिया (Jaundise) ठीक हाेगा। सूखे आवले का चुर्ण 4 ग्राम अथवा हरे आवले का रस 25 मिली दिन मे 3 बार सेवन करे इस प्रयाेग से सभी प्रकार के लिवर (Liver) की समस्या ठीक हाेगी। 2 ग्राम अजमाेद का चुर्ण 1 ग्राम सेंधा नमक के साथ लेने से तुरंत पेट दर्द मे लाभ हाेगा। जब भी मुत्र त्याग करे तब अपने मुत्र से बवासीर के मस्साे से 2 माह तक धाेने से बव...

प्राकृतिक पेनकिलर

अगर आप दर्द से तुरंत आराम के लिए पेनकिलर दवाओं का विकल्प खोज रहें तो अपने किचन में झांकिए, आपका किचन भी प्राकृतिक पेनकिलर के खजाने से कम नहीं है - दांतों में दर्द हो या सिर दर्द से फटा जा रहा हो, पेनकिलर दवाएं घर हों ही, ऐसा जरूरीनहीं। ऐसे में दर्द से तुरंत आराम के लिए आपका किचन भी प्राकृतिक पेनकिलर के खजाने से कम नहीं है। अगर आप भी किसी दर्द से परेशान हैं तो अपने किचन में मौजूद इन सात पेनकिलर को ट्राइ करें, जिनसे दर्द से राहत तो मिलेग ी ही साथ ही कोई साइडएफेक्ट भी नहीं होगा। 1. लौंग दांतों का दर्द हो या मसूड़े में सूजन, लौंग के सेवन से दर्द से तुरंत राहत मिलती है। इसमें मौजूद यूजेनॉल नामक तत्व प्राकृतिक पेनकिलर का काम करता है, यही वजह है कि डेन्टिस्ट में दांतों के दर्द में लौंग का तेल लगाने की सलाह देते हैं। 2. अदरक मांसपेशियों के दर्द, जोड़ों में अकड़न और शरीर जकड़ने पर अदरक का सेवन बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद जिन्जेरॉल नामक तत्व में मांसपेशियों और जोड़ों से दर्द में आराम दिलाने की शक्ति होती है। 3. लहसुन लहसुन में मौजूद जर्मेनियम, सेलेनियम और लस्फर जैसे तत्व कान के दर्द में राहत...

जीवन में सर्वत्र सफलता , यश, कीर्ति हेतु कुछ खास उपाय

1. जीवन में मनवांछित सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से अपने माता - पिता और बड़े बुजर्गो का आशीर्वाद लें कर ही अपने दिन की शुरुआत करें और तभी घर से कहीं बाहर जाएँ ,याद रखिये उनका कभी भी किसी भी दशा में दिल न दुखाएं । 2.स्त्रियों को देवी का स्वरुप माना गया है घर की सभी स्त्रियों(एवं किसी भी स्त्री को )पूर्ण सम्मान दें ,शास्त्रों में भी लिखा है जिस घर में स्त्रियाँ प्रसन्न रहती है वहां पर सौभाग्य स्वयं खिंचा चला आता है  । 3.जीवन में स्थाई सुख और सफलता तभी प्राप्त होती है जब हमारे कर्म शुभ होते है , क्रोधी , लालची, अभिमानी , शक्ति का दुरूपयोग करने वाला , गलत तरीके से धन संग्रह करने वाले को यदि धन, शक्ति और सत्ता का आस्थाई सुख मिलता भी है तो उसको पारिवारिक जीवन का सुख नहीं मिलता है उसका बुडापा कष्टमय बीतता है , उसके जीवन में निरंतर अस्थिरता बनी रहती है , उसके परिवार में कोई न कोई रोग बना ही रहता है इसलिए हम सभी को अपने कर्म अवश्य ही अच्छे करने चाहिए । 4.यदि जीवन में लगातार कार्यों में बाधाएं आती है तो किसी भी दिन किसी मंदिर में अनाज के दाने चड़ाकर सच्चे मन से अपनी मनोकामन...