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पेट के कैंसर: कारण, लक्षण और उपचार

बृहदान्त्र बड़ी आंत और पाचन तंत्र के सब से नीचा भाग के सबसे लंबे समय तक हिस्सा है। पेट के कैंसर या कोलोरेक्टल कैंसर मौत का दूसरा प्रमुख कारण है। रोग महिलाओं की तुलना में पुरुषों और उम्र के साथ पेट के कैंसर का जोखिम में थोड़ा अधिक आम है। पानी और छोटी आंत से पाचन के बाद ठोस अपशिष्ट से नमक, पेट के अंदर निकाला पाने से पहले ही शरीर से उन्मूलन के लिए मलाशय में ले जाता है। कोलोन कैंसर क्या है? बड़ी आंत अस्तर कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि पेट के कैंसर के रूप में जाना जाता है। ज्यादातर मामलों में पेट के कैंसर एडिनोमेटस जंतु के रूप में जाना के रूप में छोटे गैर कैंसर या सौम्य ट्यूमर शुरू होता है। समय के दौरान इन जंतु के कुछ घातक ट्यूमर के रूप में विकसित हो सकता है। यह इससे पहले कि वे पेट के कैंसर में बदल जाते हैं जंतु पहचान करने के लिए नियमित रूप से स्क्रीनिंग परीक्षणों के लिए बेहतर है। जंतु अवग्रहान्त्रदर्शन द्वारा इसे हटाया जा सकता है। कैंसर कोशिकाओं रक्त और लसीका के माध्यम से यात्रा कर सकते हैं और अन्य स्वस्थ भागों में फैल सकता है। पेट के कैंसर और मलाशय के कैंसर ही नहीं हैं, लेकिन वे अक्सर ए...

लम्बे और घने बाल पाने के घरेलु उपाय

भारत में साधारणतः नारीयल के तेल को बालो के तेल की तरह उपयोग किया जाता है. और शैम्पू का उपयोग बालो को धोने के लिये किया जाता है. ये सभी प्राकृतिक उत्पाद ही है. इन उत्पादों की सहायता से हम काले, घने और लम्बे बाल आसानी से पा सकते है .                        बालो   का   ध्यान   रखने   के   लिए   कुछ   उपाय  : नारीयल का तेल बालो के लिए एक कंडीशनर की तरह काम करता है.बादाम का तेल बालो के लिये सही में बहोत लाभकारी है. बादाम के तेल को रात में बालो पर लगाये, इससे आपके बाल चमक उठेंगे और साथ ही अगली सुबह मुलायम भी होगे. दुसरे तेल जैसे की अरंडी और सरसों का तेल भी बालो के लिए जरुरी है, इससे आपके बालो को पोषण मिलता है और बाल मुलायम होने लगते है. चाय का तेल सभी तेलों में सर्वश्रेष्ट है. ये आपके बालो को चमकदार बनाता है. निम्बू, दही और चाय के मिश्रण को बालो पर लगाने से ये एक कंडीशनर की तरह काम करते है. बोतल का कद्दू का जूस भी बालो के लिए सहायक होता है. कद्दू के जूस को अपने बालो पर लगाइये और उसे 30 मिनट...

*सेंधा नमक के फायदा*

1. सेंधा नमक हड्डियों को मजबूत रखता है। 2. मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या सेंधा नमक के सेवन से ही ठीक हो सकती है। 3. नियमित सेंधा नमक का सेवन करने से प्राकृतिक नींद आती है। यह अनिंद्रा की तकलीफ को दूर करता है। 4. यह साइनस के दर्द को कम करता है। 5. शरीर में शर्करा को शरीर के अनुसार ही संतुलित रखता है। 6. पाचन तंत्र को ठीक रखता है। 7. यह शरीर में जल के स्तर की जांच करता है जिसकी वजह से शरीर की क्रियाओं को मदद मिलती है। 8. पित्त की पत्थरी व मूत्रपिंड को रोकने में सेंधा नमक और दूसरे नमकों से बेहद उपयोगी है। 9. पानी के साथ सेंधा नमक लेने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है। 10. सेंधा नमक का सेवन दमा के रोगीयों के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

मुहाँसे त्वचा की सूजन होते हैं,

मुहाँसे सूज जाती हैं और पीप से भर जाती हैं। तैलीय ग्रन्थियों द्वारा सीबम  का अत्यधिक उत्सर्जन मुहाँसों का प्राथमिक कारण है। यहाँ मुहाँसों के उपचार हेतु कुछ सामान्य विधियाँ दी गई हैं: मुहाँसों के उपचार के लिए अधिकतर नीम और तुलसी जैसी पत्तियों का उपयोग किया जाता है।   मुहाँसों को कम करने के लिए उन पर ताज़ी और सूखी पत्तियों का लेप 10 मिनट के लिए लगाएँ, इसे एक सप्ताह में 4-5 बार करें। इनमें निम्बिन नामक सक्रिय तत्व होता है जो संक्रमणरोधी, फफूंदरोधी, ज्वरनाशक होता है और मुहाँसों को नियंत्रित करता है। तुलसी में यूजेनोल होता है, जो कि संक्रमणरोधी और निश्चेतक(antiseptic) होता है,   और यह मुहाँसों के प्रभाव को नियंत्रित करता है। मुहाँसों से छुटकारे के लिए तुलसी के लेप को एक सप्ताह में 4-5 बार लगाएँ। आलू का रस त्वचा पर मंद ब्लीचिंग चमक देता है। मुहाँसों पर 10 मिनट के लिए आलू का रस/कटा आलू/मसला आलू सीधे लगाएँ और फिर धो डालें। आलू में विटामिन-सी, विटामिन-बी6, केरोटिनोइड्स और एंथोसायनिन्स होते हैं जो त्वचा को प्राकृतिक चमक देते हैं।  शहद में मिला हुआ नीबू का रस मुहाँसों को ठीक कर...

कैसे खराब होती है किडनी?

  काफी सारे मेडिकल  हमारी   टेस्ट होने के बाद ही तय किया जा सकता है कि किसी व्यक्ति की किडनी पीड़ित मरीज को शूट करेगी या नहीं। हालांकि हमारे शरीर में दो किडनी होती है और एक किडनी के दम पर भी हम जिंदा रह सकते है। बात जब किडनी खराब होने की निकली है तो  हमें यह भी पता होना चाहिए कि आखिर किडनी खराब होने की कौन कौन सी वजह होती है? खराबी के कौनसे लक्षण होते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार किडनी फेल होने या किडनी की समस्या का कारण कई बार अव्यवस्थित दिनचर्या भी होते है। आजकल के भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने शरीर का ठीक से ख्याल नहीं रखते हैं और गंभीर खतरे में पड़ जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कम पानी पीना, पेनकिलर्स का ज्यादा प्रयोग करना, ब्लडप्रेशर की समस्या, डायबिटीज, हाई प्रोटीन ज्यादा मात्रा में लेना जैसे दूध से बने पदार्थ आदि, ज्यादा नमक खाना, शराब पीना आदि ऐसे कारण है जिनसे किडनी खराब होने का खतरा बना रहता है। हालांकि किडनी खराब होने के पहले कुछ संकेतों से पता किया जा सकता है कि आपको किडनी की बीमारी हो सकती है ऐसे में डॉक्टरों से सपर्क करना उचि...

पेट की गैस का घरेलू उपचार कैसे करें यहाँ जानें

इस पोस्ट में हम आपको पेट की गैस का घरेलू उपचार जिस तरह से करें इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे और इसके लिए आपको ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने होंगे यह बेहद सस्ता और सरल उपाय है.  पेट में गैस की समस्या को समाप्त करने के लिए सबसे सरल और मुफ्त का इलाज नियमित रूप से व्यायाम करना है.

आधे सर का दर्द कैसे दूर, करें और इससे बचने के लिए घरेलू उपाय

आधे सर का दर्द  होने पर आपको बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता ,है यह रोग अधिकतर स्त्रियों में ज्यादा पाया जाता है कुछ लोग आधे सर के दर्द को आधाशीशी का दर्द या माइग्रेन (अंग्रेजी नाम) से भी उसको जाना जाता है नीचे हम आपको बता रहे हैं कि आधे सर में दर्द होने पर आपको क्या करना चाहिए और इससे कैसे बचा जा सकता है.   कई बार माइग्रेन यानी के   आधे  सर में दर्द व्यक्तियों को दूसरे रोग होने की वजह से भी हो जाता है जैसे कि आपको नजला, जुखाम, या आपका शरीर किसी अन्य रोग से ग्रस्त हो जाना बुखार आ जाना या  कब्ज़ होने की वजह  से भी आधे सिर दर्द की शिकायत हो जाती है. अधिकतर स्त्रियों में आधे सर का दर्द होने की शिकायत  मासिक धर्म में गड़बड़ी  हो जाने के कारण भी होती है. कई बार आपकी आंखों का नंबर बढ़ जाने की वजह से भी आधे सर में दर्द होने की शिकायत हो जाती है इसलिए किसी अच्छे Eye हॉस्पिटल में जाकर अपनी आंखों को चेक जरुर करवाएं. आपके शरीर में यकृत यानी कि जिगर में अगर किसी तरह की खराबी या आपको अधिक शारीरिक रूप से कमजोरी हो जाती है तब भी आपको माइग्रेन होने का खतरा...