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फंगल इन्फेक्शन का घरेलु इलाज

मानव शरीर में  त्वचा  इन्फेक्शन या स्किन फंगल इंफेक्शन हो जाने पर पैरों को हवा लगती रहना चाहिए और आप जो मोजें (जुराब) पहनते हैं वह सूती हों और रोजाना साफ धुले हुए मोज़े ही पहने. त्वचा में फंगल इन्फेक्शन हो जाने पर बराबर मात्रा में पानी और सिरका लें और अपने पैरों को लगभग 10 मिनट तक उस में डुबो कर रखे. या फिर जिस जगह पर आपको फंगल इंफेक्शन हो रहा है उस जगह को पानी से साफ करने के बाद रुई की सहायता से बराबर मात्रा में पानी और सिरका मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाएं और उसके थोड़ी देर बाद उस जगह पर एंटी फंगल क्रीम लगा ले. इसका सही तरीके से इलाज के लिए प्रभावित स्थान की नियमित साफ-सफाई रखें और जहाँ तक संभव हो उस जगह को सूखा रखें. और उस जगह पर टैल्कम पाउडर भूल कर भी न लगाएं, अक्सर देखा जाता है घरों में इस तरह के रोगों में पाउडर लगा लेते हैं. अपने शरीर की चमड़ी को नमी, पसीने और गर्म वातावरण से बचा कर रखें. बेहद कसे हुए बस्तर जैसे के नाइलॉन, टाइट जीन्स, पॉलिस्टर आदि से बने कपड़े और खासतौर पर अंडरगारमेंट नहीं पहनें. अच्छी तरह से नहाएं, और नहाने के  पानी  में कुछ बूँदें...

दाढ़ी के सफेद बाल काले कैसे करें

दाढ़ी के सफेद बाल हो जाना – समस्या एवं समाधान यहां पढ़ें. दाढ़ी के सफेद बाल  होना आजकल एक आम समस्या बन गई है, आपको जानकर यह हैरत होगी कि जो लोग बहुत ज्यादा सोचते हैं या अधिक  मानसिक तनाव  में रहते हैं ऐसे लोगों के बाल भी जल्दी सफेद हो जाते हैं, या उनकी दाढ़ी मूछों के बाल समय से पहले ही सफेद आने लगते हैं. इसके अलावा ज्यादा शराब का सेवन करने से भी या अधिक गर्मी पैदा करने वाले आहार का सेवन भी आपके बालों को असमय सफेद बना सकता है. नव युवको में असमय बालों का सफेद होना पैतृक प्रभाव के कारण भी हो सकता है, ऐसा अक्सर देखा गया है के अगर आपके पिताजी या दादा जी के भी बाल उनकी योन अवस्था में असमय सफेद बाल आए हो तो उसके कारण  भी यह बीमारी आपमें देखने को मिल सकती है. लेकिन चिंता की कोई बात नहीं यहां कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे आपको बताने जा रहे हैं जिनके सेवन से आप अपने दाढ़ी मूंछ के सफेद बालों को प्राकृतिक रूप से काला कर सकते हैं.

शीघ्र स्खलन का घरेलू इलाज यहाँ जाने घरेलू नुस्खों द्वारा

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम लोग बात करेंगे शीघ्रपतन यानी कि शीघ्र स्खलन  का घरेलू इलाज कैसे करें, यहां हम आपको बताएंगे क़े किस तरह से आप घर बैठे ही सरल तरीके से आयुर्वेदिक नुस्खों द्वारा अपनी शीघ्रपतन की बीमारी को बिना किसी साइड इफेक्ट के बड़ी ही आसानी से दूर कर सकते हैं इसके लिए आप हमारी इस पोस्ट को पूरा अंत तक पढ़ते रहिए. शीघ्र स्खलन का घरेलू इलाज – शीघ्रपतन का इलाज कैसे करें शीघ्र स्खलन का घरेलू इलाज:-  आज के इस दौर में जिस तरह की जीवन शैली लोग अपना रहे हैं, जिसकी वजह से लोगों में कई तरह की बीमारियां हो रही है खासकर नवयुवकों में एक बीमारी बहुत ज़्यादा देखने को मिल रही है जिसका नाम है जिसे हम शीघ्रस्खलन या शीघ्रपतन क़े नाम से जानते हैं. इस बीमारी की सबसे मुख्य वजह मानसिक तनाव या अधिक चिंता करना है. दोस्तों शीघ्रस्खलन की या शीघ्रपतन कि बीमारी को दूर करने के लिए सबसे पहले आपको मानसिक रूप से मजबूत बनना पड़ेगा और खुद को मजबूत बनाते हुए पॉजिटिव सोच के साथ आगे बढ़ना होगा नहीं तो दुनिया की कोई भी दवाई आपके काम नहीं आ सकती.

**हमारी चिकित्सा पद्धति**

दुनिया में हमारा देश अनोखा देश है जिसकी चिकित्सा प्रणाली ये सिखाती है कि आप बीमार ही न पड़ो। दुनिया में 100 से ज्यादा चिकित्सा पद्धतियाँ है जिनके मूल में ये है कि पहले आप बीमार पड़ो फिर चिकित्सा होगी। जैसे एलोपेथी में :-पहले बुखार होगा फिर बुखार की दवा दी जायेगी। दर्द होगा फिर दर्द की दवा दी जायेगी । लेकिन भारत देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धति जिसे आयुर्वेद कहा जाता है उसके मूल में यह है कि आप बीमार ही मत पड़ो। इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ेगा। जिनको अपना कर जीवन भर स्वस्थ रहा जा सकता है । पूरी जिंदगी डॉक्टर की कहीं भी आवश्यकता नहीं पड़ती। तो बिना डॉक्टर व बिना दवा के जीना केवल आयुर्वेद ही सिखाती है। सर्वे सुखिन:सन्तु,सर्वे सन्तु निरामय:| सर्वे भद्राणि पश्यंतु ,मा कश्चित् दु:ख भाग्भवेत्||

पाचन शक्ति का अचूक इलाज

दोस्तो आप सभी जानते है कि जल ही जीवन  है। अर्थात जल के बिना कुछ भी संभव नही। अगर आप सुबह उठते ही, 💦 एक गिलास पानी पीते है तो यकीन मानिए आपको कभी भी पाचन की समस्या नही हो सकती।  अगर पाचन सही है तो शरीर पूरी तरह स्वस्थ्य रहता है। तो इस उपाय को अमल मे लाआये और स्वस्थ्य रहे।

Dental Assistant

अगर आप अपने दांतों को सुबह-शाम ब्रश करते हैं तो अच्छी बात है लेकिन दांतों को हेल्दी बनाएं रखने के लिए इसके अलावा भी देखभाल करना जरूरी होता है।, दांतों को साफ व स्वस्थ बनाने के लिए साल में कम से कम एक बार डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। सही पेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। दांतों में कोई संक्रमण होने पर, दर्द होने पर या कैविटी होने के मामले में कोताही नहीं बरतनी चाहिए। हर 6 महीने में अपने टूथब्रश को बदल दें। दांतों के बीच खाने को न भरा रहना दें, भोजन के बाद सही तरीके से कुल्ला करें। आप चाहें तो मुँह को साफ बनाएं रखने के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। अनहेल्दी फूड का सेवन न करें, ऐसी खुराक लें जिसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व और कैल्शियम हो। सलाद का सेवन करें, इसके मौजूद पोषक तत्व, दांतों को बहुत हेल्दी बनाते हैं। भोजन के बाद आधा गिलास पानी पिएं। इससे मुँह साफ हो जाता है। दांतों के लिए कोई भी मीठ

पेशाब के रंग से अपने स्‍वास्‍थ के बारे में जानकारी

अपने  पेशाब के रंग  से आप अपने शरीर के संकेतों को जान सकते हैं क्या आपका शरीर कैसे स्वास्थ्य लेवल पर है तो चलिए पढ़ते हैं कुछ अपने शरीर के संकेतों के बारे में अपने पेशाब के रंग से आप पता लगा पाएंगे क्या आपका शरीर कितना स्वस्थ है या आप बीमार हैं. पेशाब के रंग से जानें अपने शरीर के स्वास्थ्य का लेवल दोस्तों जहां इस पोस्ट में हम आपको आज बताएंगे  पेशाब के रंग  से आप किस तरह अपने शरीर का स्वास्थ्य स्तर पता कर सकते हैं पेशाब के रंग के जरिए आपके शरीर का स्वास्थ्य लेवल इसलिए पता पड़ जाता है क्योंकि सारी बीमारियां पेट से होती है. और आपने भी देखा होगा जब आप आश्वस्त होते हैं तो आप के पेशाब का रंग बदल जाता है नीचे संकेतों को आप पढ़ सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि आपको अब क्या करना है.  वैसे तो मानव शरीर में प्रत्येक अंग महत्वपूर्ण है लेकिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे लिए गुर्दे का महत्व है क्योंकि गुर्दा हमारे शरीर से गंदगी को साफ करने में अहम भूमिका निभाता है, और अगर जरा सी भी गड़बड़ होती है तो हमें  पेशाब के रंग  के जरिए पता चल जाता है क्योंकि...