दुनिया में हमारा देश अनोखा देश है जिसकी चिकित्सा प्रणाली ये सिखाती है कि आप बीमार ही न पड़ो।
दुनिया में 100 से ज्यादा चिकित्सा पद्धतियाँ है जिनके मूल में ये है कि पहले आप बीमार पड़ो फिर चिकित्सा होगी।
जैसे एलोपेथी में :-पहले बुखार होगा फिर बुखार की दवा दी जायेगी।
दर्द होगा फिर दर्द की दवा दी जायेगी ।
दर्द होगा फिर दर्द की दवा दी जायेगी ।
लेकिन भारत देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धति जिसे आयुर्वेद कहा जाता है उसके मूल में यह है कि आप बीमार ही मत पड़ो।
इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ेगा। जिनको अपना कर जीवन भर स्वस्थ रहा जा सकता है ।
इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ेगा। जिनको अपना कर जीवन भर स्वस्थ रहा जा सकता है ।
पूरी जिंदगी डॉक्टर की कहीं भी आवश्यकता नहीं पड़ती।
तो बिना डॉक्टर व बिना दवा के जीना केवल आयुर्वेद ही सिखाती है।
सर्वे सुखिन:सन्तु,सर्वे सन्तु निरामय:|
सर्वे भद्राणि पश्यंतु ,मा कश्चित् दु:ख भाग्भवेत्||
सर्वे भद्राणि पश्यंतु ,मा कश्चित् दु:ख भाग्भवेत्||
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